अमास का पेड़ लाएगा आपके जीवन में खुशियों की हरियाली!

आषाढ़ मास की अमासा तिथि को दिवस कहा जाता है। इसे हम आषाढ़ी अमावस्या हरियाली अमावस्या भी कहते हैं। आषाढ़ी अमास को वर्ष का शुभ दिन माना जाता है। क्योंकि उपवास और उत्सव की शुरुआत दिवासो से होती है।

दिवाली से लेकर दिवाली तक त्योहारों का मौसम है। जैसे ही श्रावण का महीना शुरू होता है, जो भगवान शिव का प्रिय महीना है। जिसमें रक्षाबंधन, जन्माष्टमी जैसे त्योहार आते हैं।

उसके बाद, गणेश उत्सव, नवरात्रि और दिवाली जैसे त्योहारों की एक श्रृंखला बनाई जाती है। दिवस से लेकर देव दिवाली तक यानी करीब 100 दिनों तक कोई न कोई त्योहार आते ही रहते हैं।

इन शुभ दिनों की शुरुआत को दिवस के रूप में जाना जाता है कई महिलाएं दिवस के अवसर पर उपवास रखती हैं। इस व्रत में महिलाएं 36 घंटे तक व्रत भी रखती हैं।

लेकिन, बहुत कम लोग जानते हैं कि इस दिन वृक्षारोपण का भी विशेष महत्व है, जिसे हरियाली आम के नाम से जाना जाता है। वर्षा ऋतु में चारों ओर हरे-भरे जंगल छा जाते हैं। चारों ओर फैली हरियाली।

इसलिए हम आषाढ़ मास के अमास को हरियाली अमास कहते हैं। और कहा जाता है कि इस दिन विभिन्न प्रकार के पेड़ लगाने से व्यक्ति की विभिन्न मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

तो आइए जानते हैं मनोकामना की पूर्ति के लिए कौन सा पेड़ लगाना चाहिए :

  • प्रजनन के अर्थ में

संतान सुख की प्राप्ति के लिए दिवस के दिन पीपला, नीम या कदंब का वृक्ष लगाना चाहिए।

  • बीमारी से मुक्ति के अर्थ में

यदि आप बार-बार स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं तो आषाढ़ी अमास पर ब्राह्मी, अर्जुन, आंवला, तुलसी, सूरजमुखी या पलाश के पौधे लगाने चाहिए।

  • लक्ष्मी की कृपा से

हरियाली अमास के दिन लक्ष्मी कृपा यानि आर्थिक उन्नति के लिए केला, बिल्वपत्र, आंवला या तुलसी का पौधा लगाना चाहिए।

  • नियति के अर्थ में

अगर आप सौभाग्य चाहते हैं तो आप अपने घर के आसपास नारियल या बरगद का पेड़ लगा सकते हैं।

  • शांति के अर्थ में

हरी घास में नीम या कदंब के पौधे लगाने से घर में सुख, समृद्धि और शांति आती है एक मान्यता के अनुसार पौधा लगाने से न केवल मनोकामना पूरी होती है।

बल्कि जैसे-जैसे पौधा बढ़ता है, मनोकामना पूरी होती है। यानी एक बार एक पेड़ लगा लेने के बाद उसकी खेती में काफी सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

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