अगर आप भी ये नहीं जानते कि कैसे और कौन सा कंडोम चुनना चाहिए, तो ये टिप्स आएंगी आपके काम

अपने साथी के साथ रिश्ते को अगले स्तर पर ले जाना भावनाओं से भरा पल होता है। हालांकि, भावना में बहकर असुरक्षित यौन संबंध बनाना महंगा पड़ सकता है। ये न सिर्फ STD बल्कि अनचाही प्रेग्नेंसी से लेकर कई परेशानियों को जन्म दे सकता है।

इसलिए ये जरूरी है कि कंडोम का इस्तेमाल किया जाए। अगर पहली बार ऐसा करने जा रहे हैं और नहीं जानते कि कौन सा कंडोम सही चॉइस होगा, तो कुछ टिप्स मददगार साबित हो सकते हैं।

साइज

सही साइज का कंडोम नहीं लेने पर इसके फटने या फिर स्लिप हो जाने की आशंका रहती है। ऐसा न हो, इसलिए बेहतर है कि साइज के मुताबिक इसका चुनाव किया जाए। जिस भी कंपनी का कंडोम लें, उसके बारे में एक बार सर्च करे लें ताकि ये समझा जा सके कि उनके लेबल में साइज किस हिसाब से लिखा जाता है।

मटीरियल

आमतौर पर कंडोम लैटेक्स से बने होते हैं। हालांकि, इसके बारे में जागरूकता कम होने के कारण ये बात कम ही लोग जानते हैं कि ये मटीरियल एलर्जी का कारण भी हो सकता है। ऐसे लोग जो लैटेक्स एलर्जी रखते हैं, वो non-latex condom खरीद सकते हैं।

मोटाई

कंडोम अलग-अलग थिकनेस के भी आते हैं। प्लेजर के एंगल से आपको किस तरह की मोटाई चाहिए, इसे आप अपने हिसाब से चुन सकते हैं। पिछले कुछ समय में अल्ट्राथिन कंडोम की डिमांड बढ़ी है, ऐसे में इस तरह के विकल्प को भी चुना जा सकता है।

टेक्सचर्ड कंडोम

कंडोम प्लेन फिनिश से लेकर टेक्सचर्ड आउटर लेयर वाले भी आते हैं। साथी के लिए अगर यह पहली बार का अनुभव है, तो प्लेन कंडोम ज्यादा बेहतर विकल्प है, ताकि वह और ज्यादा असहज न हों। वहीं अगर थोड़ा सा फन जोड़ना है, तो टेक्सचर्ड फिनिशिंग वाले कंडोम्स चूज कर सकते हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.