राज्यसभा में आसन के समक्ष आकर नारेबाजी और हंगामा करने के कारण विपक्ष के तीन सदस्य निलंबित

संसद के मॉनसून सत्र में सांसदों के हंगामे की वजह से विपक्ष के सांसदों का निलंबन जारी है. संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा से 3 और सांसदों का निलंबन किया गया है. आम आदमी पार्टी के सांसदों सुशील गुप्ता और संदीप पाठक को राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया है.

इससे पहले कल पार्टी के ही एक अन्य सांसद संजय सिंह को भी निलंबित कर दिया गया था. आज निलंबित होने वाले सांसदों में निर्दलीय अजित कुमार भुइयां भी शामिल हैं.विपक्ष के कुछ निलंबित सदस्य अपने खिलाफ हुई कार्रवाई के विरोध में संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष बुधवार की पूरी रात मौजद रहे.

आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, तृणमूल कांग्रेस की डोला सेन और कुछ अन्य सदस्यों ने रात के समय धरना दिया. निलंबित विपक्षी सदस्य अपने निलंबन के खिलाफ बुधवार से 50 घंटे का धरना दे रहे हैं.

इससे पहले गुजरात में जहरीली शराब से जुड़ी घटना का मुद्दा राज्यसभा में उठाने का प्रयास करने पर कल आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह को भी निलंबित कर दिया गया था. कल बुधवार को राज्यसभा की बैठक एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे जब शुरू हुई तो उपसभापति हरिवंश ने ऐलान किया कि मंगलवार को भोजनावकाश के बाद कार्यवाही के दौरान AAP सांसद संजय सिंह ने अशोभनीय आचरण किया था.

संजय सिंह सदन के नियमों की अवहेलना कीः हरिवंश

हरिवंश ने कहा कि संजय सिंह ने न सिर्फ सदन के नियमों की अवहेलना की बल्कि आसन के निर्देशों का भी उल्लंघन किया और कागज फाड़कर उनके टुकड़े आसन की ओर फेंके. संजय सिंह का आचरण सदन की गरिमा के विरूद्ध था. हरिवंश ने संजय के खिलाफ नियम 256 लगाए जाने की घोषणा की. यह नियम किसी सदस्य द्वारा अशोभनीय आचरण करने पर उन्हें सदन से निलंबित किए जाने से संबंधित है.

राज्यसभा से निलंबित किए जाने के बाद संजय सिंह ने बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी गुजरात में जहरीली शराब की बिक्री सहित जनता के ‘मौलिक मुद्दों’ को सड़कों पर एवं संसद में उठाती रहेगी.

अशोभनीय व्यवहार पर 24 सांसद हुए निलंबित

संसद में अशोभनीय व्यवहार करने और आसन की अवमानना करने के मामले में राज्यसभा के 20 और लोकसभा के चार सदस्यों को निलंबित किया गया है. संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कल बुधवार को बताया कि अगर निलंबित विपक्षी सांसद माफी मांग लें और आश्वासन दें कि वे सदन में तख्तियां नहीं दिखाएंगे तो आसन उनके निलंबन को वापस ले सकता है.

लोकसभा में कुछ विपक्षी दलों के नेताओं ने कांग्रेस के चार सदस्यों के निलंबन को वापस लेने की मांग की. इस पर केंद्रीय मंत्री जोशी ने कहा कि अगर विपक्षी नेता यह जिम्मेदारी लेते हैं कि आगे विपक्षी सांसद आसन के निकट नहीं आएंगे और तख्तियां नहीं दिखाएंगे तो निलंबन वापस लिया जा सकता है.

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