राशनकार्ड सरेंडर की अफवाहों पर सरकार ने तोड़ी चुप्पी, खुश हुए लाभार्थी

कोरोना काल के दौरान केंद्र सरकार ने गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए फ्री राशन योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत राशन कार्ड धारकों को गेहूं, चावल, चीनी, दाल आदि जरूरी सामान मुहैया कराया जाता है।

पिछले कुछ समय से राशन कार्ड के नियमों में एक के बाद एक कई बदलाव देखने को मिले हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि कई अपात्र लोग भी गलत तरीके से सरकार की फ्री राशन योजना का लाभ ले रहे हैं. हाल ही में ये खबर सामने थी कि सभी अपात्र राशनकार्ड धारकों से कार्ड को सरेंडर करने की बात कही गई है।

इस खबर को सुनते ही लोग परेशान हो उठे और कई लोगों ने राशन कार्ड से राशन लेना बंद कर दिया। जैसे ही इस मामले ने तूल पकड़ा तो उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने इस पर अपना रुख स्पष्ट किया है।

अफवाहों परे न करे यकीन

सरकार कि ओर से कहा गया कि अभी राशन कार्ड की जांच की जा रही है सरेंडर और वसूली जैसा कोई एक्शन फिलहाल नहीं लिया गया है। बता दें सरकार प्रदेश में सर्वे करने जा रही है कि राशन कार्ड होल्डर कितना राशन ले रहे हैं और वे उसके पात्र हैं या नहीं।

ऐसा इसलिए क्योकि साल 2011 के बाद से जनगणना नहीं हुई है. इसके चलते कई पात्र लोग भी सरकार की फ्री राशन योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। ऐसे लोग जो सरकार की मुफ्त राशन योजना का गलत तरीके से लाभ ले रहे थे सरकार उनका नाम काट रही है। योगी सरकार चाहती है कि जरूरतमंद लोगों को फ्री राशन मिले ना कि जो लोग सक्षम हैं वह गलत तरीके से इसका लाभ लें।

सरकार अपात्र लोगों का नाम काटकर पात्र लोगों के नाम फ्री राशन योजना में जोड़ रही है। दरअसल, देशभर में साल 2011 के बाद जनगणना नहीं हुई है जिसके चलते कई पात्र लोगों को भी फ्री राशन योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अब सरकार चरणबद्ध तरीके से ऐसे लोगों को इस योजना के तहत जोड़ने का काम कर रही है।

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