बरसात के दिनों में राशन कार्डधारकों की हुई बल्ले-बल्ले, सरकार ने कर दिया चौंकाने वाला आदेश

कोरोना वायरस महामारी से लेकर अब तक केंद्र व राज्य सरकारों ने फ्री गेंहू, चावल और चीनी देकर दुनियाभर को एक संदेश दिया। सरकार ने बड़े स्तर पर लोगों की मदद करने का काम किया है। इसमें कुछ लोग ऐसे भी थे, जिन्होंने अपात्र होने के बाद फ्री राशन का लाभ लिया है। अब काफी दिनों से चर्चा चल रही थी कि अपात्र लाभार्थियों से राशन की वसूली और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सरकार ने अब इन अफवाहों पर विराम लगाते हुए ऐसे राशन कार्डधारकों को बड़ी राहत दी है। सरकार के बयान के बाद राशन कार्डधारकों के चेहरों पर काफी खुशी दिखाई दे रही है। यूपी की योगी सरकार ने राशन वसूली की चल रही बातों को केवल अफवाह करार दिया है।

सरकार ने कहा कि किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। इतना ही नहीं सरकार के मुताबिक किसी का कार्ड निरस्त करने का भी अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है।

आदेश के बाद लाभार्थियों को मिली राहत

राज्य के खाद्य आयुक्त के मुताबिक, सरकार ने यह आदेश द‍िया क‍ि इस तरह का आदेश क‍िसने द‍िया। विभाग झूटी अफवाह फैलाने वाले की तलाश कर रही है, जिनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार के इस ताजा आदेश के बाद उन फ्री राशन का लाभ पाने वालों ने राहत की सांस ली है.।

वहीं, राज्‍य के खाद्य आयुक्त ने कहा क‍ि राशन कार्ड वेरिफिकेशन सामान्य प्रक्रिया है। यह सरकार की तरफ से समय-समय पर हमेशा ही किया जाता है। राशन कार्ड सरेंडर और पात्रता की नई शर्तों से जुड़ी भ्रामक रिपोर्ट मीडिया में प्रसारित हो रही है। ऐसे में लोगों को इन खबरों से दूर रहना चाहिए।

जानिए क्या है नियम

दरअसल, घरेलू राशन कार्डों की ‘पात्रता / अपात्रता मानदंड 2014’ में निर्धारित किया गया था. उसके बाद कोई परिवर्तन नहीं किया गया. इसके अलावा साल 2011 की जनगणना के आधार पर ही राशन कार्ड का आवंटन हुआ है।

राशन कार्ड धारक को (Ration Card Holder) पक्का घर होने, बिजली कनेक्शन या एकमात्र हथियार लाइसेंस धारक या मोटर साइकिल मालिक होने और मुर्गी पालन / गाय पालन में लगे होने के आधार पर अपात्र घोषित नहीं किया जा सकता। इसके लिए सरकार ने आपका पक्ष साफ़ कर दिया है।

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