पेंशनर्स को सरकार ने दिया तौफा, अब आसान हो जाएगा जीवन प्रमाण पत्र दाखिल करना

पेंशन बॉडी ईपीएफओ ने 73 लाख पेंशनर्स को बड़ा तोहफा दिया है। दरअसल, ईपीएफओ ने डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट के लिए फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है।

यह फेस रिकॉग्निशन ऑथेंटिकेशन उन वृद्ध पेंशन भोगियों की मदद करेगा जिन्हें जीवन प्रमाण पत्र दाखिल करने के लिए वृद्धावस्था के कारण अपने बायोमेट्रिक प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना होता है।

श्रम मंत्रालय की ओर से एक बयान में कहा गया कि केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव जो ईपीएफओ के शीर्ष निर्णय लेने वाले निकाय केंद्रीय न्याय सी बोर्ड के अध्यक्ष, ने पेंशन भोगियों के लिए चेहरा प्रमाणीकरण तकनीक शुरू की है। इसके साथ ही मंत्रालय ने पेंशन की जानकारी के लिए डिजिटल केलकुलेटर को भी मंजूरी दे दी है।

लागू की गई प्रशिक्षण नीति

डिजिटल केलकुलेटर पेंशनभोगी और परिवार के सदस्यों को पेंशन और मृत्यु से जुड़े बिमा लाभ के लाभों की गणना करने के लिए ऑनलाइन सुविधा प्रदान करता है जिसके लिए वे पात्र हैं। इसके साथ ही श्रम मंत्रालय ने बताया कि ईपीएफओ की प्रशिक्षण नीति भी जारी की गई है। प्रशिक्षण नीति के तहत सालाना 14000 कर्मियों को 8 दिनों के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा और कुल बजट वेतन बजट का 3% होगा।

पेंशन भोगियों को लगा झटका

दरअसल, शनिवार को हुई न्याय सी बोर्ड की बैठक में संशोधित एजंडे के तहत शेयरो या उसके योजनाओं में निवेश के प्रतिशत को नहीं बढ़ाया गया है। इस प्रस्ताव को ईपीएफओ की ओर से वापस ले लिया गया। बता दें ईपीएफओ ने शेयरो और इसके संबंधित योजनाओं में निवेश को 15 से 20% तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था लेकिन इसे वापस ले लिया गया।

क्या है EPFO?

एपीएफओ यानि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन विश्व में सबसे बड़ा सामाजिक सुरक्षा संगठन है और वर्तमान में अपने सदस्यों से संबंधित 24.7 करोड़ खातों (वार्षिक रिपोर्ट 2019-20) का रख रखाव कर रहा है। कर्मचारी भविष्य निधि की स्थापना दिनांक 15 नवंबर1951 को कर्मचारी भविष्य निधि अध्यादेश के जारी होने के साथ हुई.

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